कागज क्रोमैटोग्राफी

1. लाल और नीली स्याही के मिश्रण से घटकों का पृथक्करण

आवश्यक सामग्री: 

प्रक्रिया 

  • वाटमैन फिल्टर पेपर की पट्टी लें और पेंसिल का प्रयोग कर कागज के एक छोर से 4 सेमी ऊपर क्षैतिज रेखा खींचें। इसके बाद कागज के केंद्र से लंबी-लंबी एक और रेखा खींचें और जिस बिंदू पर दोनों रेखाएं एक-दूसरे को काटती हों, उसे P का नाम दें।
  • केशिका नली का प्रयोग कर बिंदु P पर लाल और नीली स्याही के मिश्रण की एक बूंद डालें। इसे हवा में सूखने दें।
  • उसी स्थान पर एक और बूंद डालें और इसे फिर से सूखने दें ताकि वह स्थान मिश्रण से समृद्ध हो जाए।
  • क्रोमैटोग्राफिक चैम्बर में अल्कोहल और आसुत जल की बराबर मात्रा डालें। कांच की छड़ का प्रयोग कर इसे अच्छी तरह से मिश्रित करें। इसका विलायक के रूप में प्रयोग किया जाता है।
  • विलायक युक्त क्रोमैटोग्राफिक चैम्बर में फिल्टर पेपर लम्बवत रूप से इस तरह से लटकाएं कि पेंसिल की रेखा विलायक के स्तर से लगभग 2 सेमी ऊपर बनी रहे।
  • ढक्कन से जार बंद कर दें और इसे अछूता रहने दें।
  • लाल और नीली स्याही के साथ-साथ बढ़ते हुए विलायक पर ध्यान दें। विलायक के लगभग 15 सेमी तक चढ़ जाने पर, आप फिल्टर पेपर पर लाल और नीली स्याही के दो अलग अलग धब्बे देखेंगें।
  • जार से फिल्टर पेपर निकालें और पेंसिल का प्रयोग कर कागज पर उस दूरी को चिह्नित करें जहां तक विलायक पहुंचा है। इसे विलायक का अग्रभाग कहा जाता है।
  • फिल्टर पेपर सुखाएं और नीले और लाल रंग के धब्बे के केंद्र में पेंसिल का निशान लगाएं।
  • मूल रेखा से दोनों धब्बों की दूरी और मूल रेखा से विलायक की दूरी नापें।
  • सूत्र का प्रयोग कर, नीली और लाल स्याही के Rf मानों की गणना करें।

                                        Rf  =   मूल रेखा से विलायक द्वारा तय की गई दूरी / मूल रेखा से घटक द्वारा चली गई या तय की गई दूरी

2. पालक की पत्तियों के रस से वर्णक का पृथक्करण

आवश्यक सामग्री: 

प्रक्रिया 

  • वाटमैन फिल्टर पेपर की पट्टी लें और पेंसिल का प्रयोग कर कागज के एक छोर से 4 सेमी ऊपर क्षैतिज रेखा खींचें। इसके बाद कागज के केंद्र से लंबी-लंबी एक और रेखा खींचें और जिस बिंदू पर दोनों रेखाएं एक-दूसरे को काटती हों, उसे P का नाम दें।
  • केशिका नली का प्रयोग कर बिंदु P पर पालक की पत्तियों के रस की एक बूंद डालें।। इसे हवा में सूखने दें।
  • उसी स्थान पर एक और बूंद डालें और इसे फिर से सूखने दें ताकि वह स्थान मिश्रण से समृद्ध हो जाए।
  • क्रोमैटोग्राफिक चैम्बर में अल्कोहल और आसुत जल की बराबर मात्रा डालें। कांच की छड़ का प्रयोग कर इसे अच्छी तरह से मिश्रित करें। इसका विलायक के रूप में प्रयोग किया जाता है।
  • विलायक युक्त क्रोमैटोग्राफिक चैम्बर में फिल्टर पेपर लम्बवत रूप से इस तरह से लटकाएं कि पेंसिल की रेखा विलायक के स्तर से लगभग 2 सेमी ऊपर बनी रहे।
  • ढक्कन से जार बंद कर दें और इसे अछूता रहने दें।
  • पत्ते के रस के रंगीन घटक के साथ-साथ बढ़ते हुए विलायक पर ध्यान दें।
  • विलायक के लगभग 15 सेमी तक चढ़ जाने पर, आप फिल्टर पेपर पर  रंगीन घटकों के दो अलग अलग धब्बे देखेंगे।
  • ​जार से फिल्टर पेपर निकालें और पेंसिल का प्रयोग कर कागज पर उस दूरी को चिह्नित करें जहां तक विलायक पहुंचा है। इसे विलायक का अग्रभाग कहा जाता है।
  • फिल्टर पेपर सुखाएं और प्रत्येक धब्बे के केंद्र में निशान लगाएं।
  • मूल रेखा से दोनों धब्बों की दूरी और मूल रेखा से विलायक की दूरी नापें।
  • सूत्र का प्रयोग कर, पत्ते के रस के अलग अलग घटक के Rf मानों की गणना करें।

                    Rf  =   मूल रेखा से विलायक द्वारा तय की गई दूरी / मूल रेखा से घटक द्वारा चली गई या तय की गई दूरी

सिम्युलेटर प्रक्रिया ( ऑनलाइन प्रयोगशालाओं के माध्यम से प्रदर्शन के रूप में )

  • आप मिश्रण का चयन करें' ड्रॉप डाउन सूची से मिश्रण चुन सकते हैं।
  • नमूना लेने के लिए, वॉच ग्लास की ओर केशिका नली खींचें और बिंदु 'P' पर नमूना छोड़ने के लिए इसे वापस फिल्टर पेपर की ओर खींचें।
  • क्रोमैटोग्राफिक चैम्बर खोलने के लिए, उसके ढक्कन पर क्लिक करें।
  • विलायक युक्त क्रोमैटोग्राफिक चैम्बर में फिल्टर लटकाने के लिए उसकी की ओर फिल्टर पेपर खींचें।
  • क्रोमैटोग्राफिक चैम्बर बंद करने के लिए ढक्कन पर क्लिक करें।
  • आप देख सकते हैं कि मिश्रण के घटक विलायक के साथ-साथ बढ़ते हैं।
  • प्रतीक्षा करें, जब तक विलायक अपनी अधिकतम ऊंचाई तक नहीं पहुँच जाता है।
  • क्रोमैटोग्राफिक चैम्बर से फिल्टर पेपर निकालने के लिए उस पर क्लिक करें
  • आप निष्कर्ष आइकन पर क्लिक करके निष्कर्ष देख सकते हैं।
  • आप 'पैमाना दिखाएं' चेक बॉक्स पर क्लिक करके पैमाने का प्रयोग कर मूल रेखा से विलायक (विलायक के अग्रभाग) द्वारा चली गई दूरी और मिश्रण के प्रत्येक घटक द्वारा चली गई दूरी नाप सकते हैं।
  • आप फिल्टर पेपर के दाहिनी ओर पैमाने की रीडिंग का आवर्धित दृश्य देख सकते हैं।
  • आप बाईं ओर दिए गए मेनू पर संबंधित चेक बॉक्स में मान दर्ज करके मानों का सत्यापन कर सकते हैं।
  • आप Rf मान के समीकरण का प्रयोग कर प्रत्येक घटक के Rf मान की गणना कर सकते हैं संबंधित चेक बॉक्स में मान दर्ज करके अपने परिणाम का सत्यापन कर सकते हैं।
  • आप कभी भी 'रीसेट' बटन पर क्लिक करके प्रयोग फिर से कर सकते हैं।

                          

 

Cite in Scientific Research:

Nedungadi P., Raman R. & McGregor M. (2013, October). Enhanced STEM learning with Online Labs: Empirical study comparing physical labs, tablets and desktops. In Frontiers in Education Conference, 2013 IEEE (pp. 1585-1590). IEEE.

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