प्रोटीन का गुणात्मक विश्लेषण

उद्देश्य

हमारा उद्देश्य प्रोटीन के कुछ सरल परीक्षणों का अध्ययन करना है।

प्रोटीन क्या हैं?

प्रोटीन अस्तित्व के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण वृहत पोषक तत्व है। प्रोटीन कोशिकाओं के घटक हैं और इसलिए सभी सजीव शरीर में मौजूद रहते हैं। प्रोटीन से 10-35% कैलोरी मिलनी चाहिए। मांस, अंडा, मछली, मांस के स्‍थानापन्‍न, पनीर, दूध आदि में प्रोटीन पाया जाता है

प्रोटीन बड़े जैविक α-अमीनो अम्ल‍ (वह अमीनो अम्ल , जिसमें अमीनो समूह α कार्बन से जुड़ा होता है, जो ज्विटर आयन के रूप में मौजूद रहते हैं और प्रकृति में क्रिस्टलीय होते हैं) से बने अणु होते हैं। इनमे कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और कभी कभी फास्फोरस और सल्फर होते हैं।

अमीनो अम्ल वे अणु होते हैं जिसमें अमीनो (NH2) और कार्बोक्जिलिक (COOH) दोनों समूह होते हैं। अमीनो अम्ल के अणु संघनन अभिक्रिया से गुजरते हैं

 

जिससे पेप्टाइड कड़ी नामक विशिष्ट प्रकार की कड़ी निर्मित होती है। संघनन अभिक्रिया में शामिल अमीनो अम्ल के अणुओं की संख्या के आधार पर, बनने वाले उत्पादों को इस प्रकार वर्गीकृत किया जाता हैं;

डाईपेप्टाइड

ये दो α अमीनो अम्ल के अणुओं के संघनन से बनने वाले उत्पाद हैं।

ट्राईपेप्टाइड

 ये तीन α अमीनो अम्ल  के अणुओं के संघनन से बनने वाले उत्पाद हैं।

यदि बड़ी संख्या में अमीनो अम्लन के अणु संयुक्त होते हैं, तो, बनने वाले उत्पाद को पॉलीपेप्टाइड कहा जाता है। प्रोटीन मुख्य रूप से अमीनो अम्ल के अपने अनुक्रम के मामले में एक-दूसरे से भिन्न होते हैं। लगभग 20 से भी अधिक अमीनो अम्ल हैं। कुछ अमीनो अम्ल शरीर द्वारा नहीं बनाए जाते हैं और आहार के माध्यम से इनकी आपूर्ति होती है। इन्हें आवश्यक अमीनो अम्ल कहा जाता है।

प्रोटीन की जांच


बाईयूरेट परीक्षण

 पेप्टाइड बांड की उपस्थिति का पता लगाने के लिए इस परीक्षण का प्रयोग किया जाता है। क्षार (NaOH या Koh) की उपस्थिति में कॉपर सल्फेट के विलयन से उपचारित करने पर, प्रोटीन  कॉपर (II) आयनों के साथ अभिक्रिया करते हैं जिससे बैंगनी रंग का मिश्रण बनता है जिसे बाईयूरेट कहा जाता है


जैन्थोप्रोटीक परीक्षण

यह भी प्रोटीन की पहचान का परीक्षण है और यह खुशबूदार समूह वाले अमीनो अम्ल वाले प्रोटीनों के साथ सकारात्मक परिणाम देता है। गर्म सांद्रित नाइट्रिक अम्ल से प्रोटीन को उपचारित करने पर,  पीले रंग के पदार्थ का निर्माण होता है। पीला रंग जैन्थो्प्रोटीक अम्ल के कारण होता है जो टायरोसाइन और ट्रिप्टोफैन जैसे प्रोटीन में मौजूद कुछ अमीनो अम्लों के नाइट्रीकरण से निर्मित होता है I

 

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निनहाइड्रिन परीक्षण

इस मुक्त -NH2 समूह वाले अमीनो अम्ल और प्रोटीन का परीक्षण है। जब -NH2 जैसे समूह निनहाइड्रिन के साथ अभिक्रिया करते हैं, तो गहरे नीले रंग का मिश्रण बनता है।

मिलोन परीक्षण

जब अंडे की सफेदी को मिलोन अभिकर्मक से उपचारित किया जाता है, तो पहले यह सफेद रंग का तलछट देता है जो उबालने पर कत्थई लाल में बदल जाता है। जिलेटिन यह परीक्षण नहीं देता है।

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